CG Bribery Case: कोंडागांव जिले में पंजीयन के नाम पर रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें सख्ती बरतते हुए दो कर्मचारी को बर्खास्त और एक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं जिला श्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।
CG Bribery Case: कोंडागांव जिले में गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन के नाम पर रिश्वतखोरी का फिर एक मामला देखने को मिला है। जहां प्रशासन ने इस प्रकरण में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो संविदा कर्मचारियों को नौकरी से बेदखल कर दिया तो वहीं श्रम उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। बताते चलें कि इसके साथ ही जिला श्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
CG Bribery Case: जानें पूरा मामला…
हम बात कर रहे हैं संयुक्त जिला कार्यालय भवन में संचालित हो रहे श्रम पदाधिकारी कार्यालय की। (CG Bribery Case) जहां गुमास्ता पंजीयन करने के नाम पर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया था, जिसकी आवेदन कर्ताओं के द्वारा शिकायत कलेक्टर से की गई थी।
मामले की नियमानुसार जांच की गई और जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संविदा कर्मचारी उमाशंकर साहू व सिंधुनाथ मंडल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। (CG Bribery Case) वहीं श्रम उप निरीक्षक निर्मल शोरी को निलंबित किया गया तो लेबर अधिकारी को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। विभाग में जारी मनमानी से श्रमिक परेशान हो रहे हैं।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
CG Bribery Case: इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। गुमास्ता पंजीयन से जुड़े अन्य आवेदकों को भी यदि किसी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत हो, तो वे सीधे उच्च अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। बहरहाल, इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने और रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने का प्रशासन का संदेश स्पष्ट हो गया है।