Navratri festival छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक ऐसा अनोखा देवी मंदिर है, जहां पिछले 15 सालों से दोनों नवरात्रि (navratri 2025) पर्व में भारतीय सेना (Indian Army) के लाखों जवानों के नाम एक अखंड ज्योति कलश प्रज्जवलित किया जाता है।
भिलाई. Navratri festival छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक ऐसा अनोखा देवी मंदिर है, जहां पिछले 15 सालों से दोनों नवरात्रि (navratri 2025) पर्व में भारतीय सेना (Indian Army) के लाखों जवानों के नाम एक अखंड ज्योति कलश प्रज्जवलित किया जाता है। भिलाई के मरोदा टैंक रिसाली स्थित मां कल्याणी शीतला मंदिर में हर बार की तरह इस बार भी चैत्र नवरात्रि में भारतीय सेना के जवानों की सुरक्षा के लिए अखंड ज्योत जलाई गई है। नवरात्रि के नौ दिनों तक यह जोत जलती है। जिसके बाद नवमीं के दिन इसका विसर्जन कर दिया जाता है। आस्था के साथ देशभक्ति के इस अनूठे संगम को देखकर मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी सेना के जवानों की सलामती की प्रार्थना माता से करते हैं।
Navratri festival जवानों से मिली प्रेरणा
मां कल्याणी शीतला मंदिर समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र शेंडे ने बताया कि मरोदा टैंक बस्ती के युवक बड़ी संख्या में भारतीय सेना का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में तैनात है। उनकी देशभक्ति को देखकर मंदिर समिति ने एक पहल करते हुए जवानों की सुरक्षा और उनके परिवार के सुख, शांति समृद्धि के लिए जोत जलाने का फैसला किया। Navratri festival तब से लेकर आज तक दोनों नवरात्रि में यहां इंडियन आर्मी के जवानों के नाम अखंड जोत जलाया जाता है।
आर्मी के रिटायर्ड जवान करते हैं सेवा
मां कल्याणी शीतला मंदिर में भारतीय सेना के रिटायर्ड जवान धर्मेंद्र कुमार नवरात्रि में नौ दिनों तक मां शीतला की सेवा करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बचपन यहीं मरोदा टैंक में बीता है। ऐसे में मां शीतला के प्रति बचपन से ही अटूट आस्था है। जब भी छुट्टी में घर आता तो यहां जरूर आता था। सेना के जवानों की सलामती के लिए मंदिर में हर साल अखंड जोत जलाया जाता है। ऐसे में मां शीतला की सेवा और अखंड जोत की सुरक्षा में नवरात्रि के नौ दिन नि:स्वार्थ भाव से मैं मंदिर में ही सेवा करता हूं। फौजी अपना घर-परिवार छोड़कर देश की सीमाओं में जान की बाजी लगाकर तैनात रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए हम नवरात्रि में नौ दिनों तक मां से प्रार्थना करते हैं। ताकि सेना के सभी जवानों का जीवन सुरक्षित रहे।
दूर-दूर से चुनरी चढ़ाने आते हैं भक्त
मां कल्याणी शीतला मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर में हर साल नवरात्रि में दूर-दूर से भक्त माता को चुनरी चढ़ाने के लिए आते हैं। वहीं शीतला की मिट्टी घर ले जाकर जिन्हें गलवा माता आता है उन्हें लगाते हैं। दोनों नवरात्र पक्षों में यहां पंचमी और अष्टमी को मां की महाआरती और विशेष पूजा की जाती है। हर साल बड़ी संख्या में भक्त यहां मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्जवलित करवाते हैं। Navratri festival इस साल 1453 ज्योति कलश जलाए गए हैं। जिनमें एक माता रानी और एक हनुमान जी के नाम से भी अखंड जोत जलाई गई है।