Breaking News: खैरागढ़ में पूर्व पार्षद और महिला कांग्रेस की पूर्व शहर अध्यक्ष का हृदयाघात से निधन हो गया। इस दौरान उनकी बड़ी बेटी दिव्या ने मां को मुखाग्नि दी। यह पल देख हर कोई रो पड़ा…
राजनांदगांव। Breaking News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां की पूर्व पार्षद और महिला कांग्रेस की पूर्व शहर अध्यक्ष शिला रानी महोबे का हृदयाघात से निधन हो गया। उनकी बड़ी बेटी दिव्या ने मां को मुखाग्नि दी। बता दें कि शिला रानी न केवल राजनीति में सक्रिय थीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही थीं। उनका जाना नगर के लिए बड़ी क्षति है।
जानकारी के मुताबिक, हर दिन की तरह वे सुबह पूजा-अर्चना के लिए शीतला मंदिर (इतवारी बाजार) गई थीं। पूजा-अर्चना करते करीब 10 बजे उन्हें हृदयाघात (हार्ट अटैक) आया। परिजनों ने तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल खैरागढ़ पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके निधन से नगर में शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिचितों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बेटी ने दी मुखाग्नि
उनके निधन से पूरा शहर शोक में डूब गया। आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जब बड़ी बेटी दिव्या महोबे ने मुखाग्नि देने का फैसला किया, तो यह पल भावुक भी था और समाज की पुरानी परंपराओं को चुनौती देने वाला भी। छोटी बेटी दीक्षा भी इस कठिन घड़ी में अपनी जिम्मेदारी निभाती नजर आईं। इस पल को देख हर कोई भावुक हो गया।

अंतिम विदाई देने उमड़े लोग
बता दें कि कृषि उपज मंडी मुक्तिधाम में हुए अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन दिव्या की हिम्मत और संस्कारों की सबने सराहना की।
रूढ़िवादी सोच को तोड़ने वाला कदम
दिव्या का यह कदम समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच को तोड़ने वाला है। उनका यह साहसिक निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। यह घटना बताती है कि परंपराएं समय के साथ बदलनी चाहिए और बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के बराबर सक्षम हैं।