Deputy CM Vijay Sharma in Naxalites Hidma-Deva Area: लम्बे समय से नक्सलियों के कब्जे में रहा रायगुड़ेम के इतिहास में पहली बार कोई मंत्री लोगों की सुध लेने के लिए पहुंचा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा यहां पहुंचे और ग्रामीणों से कह कि अब नक्सलियों से डरने की जरूरत नहीं…
सुकमा। Deputy CM Vijay Sharma in Naxalites Hidma-Deva Area: छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा एक बार फिर से नक्सलियों की मांद में घुसे। इस बार नक्सली कमांडर देवा और हिड़मा के गढ़ में जाकर उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से मुलाकात की। वहीं शर्मा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
हिड़मा के गढ़ रायगुड़ेम में गृह मंत्री
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी उपमुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्र रायगुड़ेम का दौरा किया। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को रायगुड़ेम पहुंचकर न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि वहां चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। गृह मंत्री के दौरे से रायगुड़ेम के लोगों में नई उम्मीद जगी है। चौपाल में चर्चा के दौरान ग्रामीण अपने गांव के विकास और जीवन स्तर में बदलाव को लेकर बेहद आशान्वित दिखे।
ग्रामीणों से मिले डिप्टी सीएम
शर्मा कोंटा विकासखंड स्थित रायगुड़ेम कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात की। इसके बाद वे बाइक पर सवार होकर दुर्गम इलाकों से गुजरते हुए ग्रामीणों के बीच पहुंचे और खुले मैदान में पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई। चौपाल के दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल से प्रशासनिक शिविर लगाकर सभी ग्रामीणों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड, और जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
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पहले भी इन इलाकों में पहुंचे थे शर्मा
ये पहली बार नहीं है जब विजय शर्मा हिड़मा के इलाके में गए हैं। इसके पहले भी वे नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती पहुंच चुके हैं। यहां पहुंचने वाले वे प्रदेश के पहले गृहमंत्री हैं। विजय शर्मा के जाने के बाद इलाके में विकास भी पहुंच रहा है। बता दें कि 5 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा आएंगे।
नक्सलियों से डरने की जरूरत नहीं
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गांव में बिजली पहुंचाने, सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण कराने, सिंचाई के लिए स्टॉपडेम बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को खेती के लिए बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। तेंदूपत्ता की खरीदी होगी। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं बेहतर बनाया जाएगा।
शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आज तक आपके गांव में स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, बिजली और सड़क नहीं पहुंच सकी थी, क्योंकि नक्सलियों ने विकास कार्यों को रोक रखा था। अब डरने की जरूरत नहीं है। सरकार ने हर जगह आपकी सुरक्षा के लिए कैंप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अब उनके अधिकारों और सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। अगर किसी भी सरकारी सेवा में समस्या आती है, तो कलेक्टर और मुझे सीधे फोन करें।
सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित
दरअसल रायगुडेम नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 का इलाका है। यहां हाल ही में सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित किया गया है। सेंट्रल कमेटी मेंबर माड़वी हिड़मा और बटालियन नंबर 1 के कमांडर देवा का वर्चस्व रहा है। कैंप खुलने के बाद नक्सली बैकफुट पर हैं। विजय शर्मा छ्त्तीसगढ़ के पहले उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री हैं जो नक्सलियों के इस गढ़ में पहुंचे हैं। हालांकि, विजय शर्मा के आने से पहले इलाके में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
गौरतलब है कि रायगुड़ेम लंबे समय से नक्सली गढ़ रहा है और यह नक्सली कमांडर मडवी हिडमा का गृह क्षेत्र भी है। इस इलाके में सरकारी पहुंच बेहद सीमित रही है, जिससे ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे। शर्मा ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने और बिना शर्त शांति वार्ता की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ता तभी संभव होगी जब नक्सली हिंसा का मार्ग छोड़ेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने देश की सबसे अच्छी नक्सल पुनर्वास नीति लागू की है, जिससे आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर सुलभ हो सके।