Cg forest range छत्तीसगढ़ के इंद्रवती टाइगर रिजर्व से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। एक बाघ कई दिनों तक शिकारियों के लगाए हुए फंदे में फँसा रहा। उसके पैर बुरी तरह से सड़ने की हालत में आ गए और टाइगर रिजर्व की नींद तब खुली जब बाघ मरणासन्न हो गया
जगदलपुर। Cg forest range छत्तीसगढ़ के इंद्रवती टाइगर रिजर्व से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। एक बाघ कई दिनों तक शिकारियों के लगाए हुए फंदे में फँसा रहा। उसके पैर बुरी तरह से सड़ने की हालत में आ गए और टाइगर रिजर्व की नींद तब खुली जब बाघ मरणासन्न हो गया। ऐसा लगने लगा है कि जैसे छत्तीसगढ़ बाघों के लिए कब्रगाह बन चुका है। वन विभाग के अधिकारी इतनी गहरी नींद में सोते रहे कि उन्हें उस बाघ की चीख तक नहीं सुनाई दी। बाघ का शुरुआती इलाज कर उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर के जंगल सफारी भेजा गया है।
अचानकमार में हो चुकी है दो बाघों की मौत
यह कोई पहला मामला नहीं है और ना ही अंतिम। इसी तरह अचानकमार टाइगर रिजर्व में जनवरी के अंतिम सप्ताह में एक बाघिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गले में नुकीली चीज से वार के निशान मिले थे। जिससे बाघिन के शिकार की आशंका जताई गई थी। Cg forest range वहीं बाघिन की मौत पर ATR के अफसरों की लापरवाही भी सामने आई थी। ठीक उसी दौरान दूसरी खबर भी अचानकमार टाइगर रिजर्व से ही सामने आई जब एक युवा बाघ की मौत हो गई और कुम्भकर्णी नींद सोये वन विभाग को इसकी खबर तक नहीं हुई।
Read more: CG Politics: भूपेश बघेल ने पंजाब सरकार पर बोला हमला, कहा- ‘जनरल डायर’ की नीति अपना रही ये सत्ता
Cg forest range बाघों की दुर्दशा पर चुप्पी
ताज़ा घटनाक्रम में जिस बाघ को शिकारियों ने क्लच वायर लगा कर मारने की कोशिश की थी। उसे अधमरी अवस्था में जंगल सफारी लाया गया है। वन विभाग के अधिकारी इस पर चुप्पी साधे बैठे हैं। कोई इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाह रहा है। छत्तीसगढ़ में बाघों की दुर्दशा किसी से छुपी नहीं हैं। एक तरफ छत्तीसगढ़ का वन विभाग अपनी बैठकों में बाघों की कमी का रोना रोते हुए पड़ोसी राज्यों से बाघ की मांग करता है। Cg forest range नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी से अनुनय विनय करता है और जब कोई बाघ भटकता हुआ आ जाए तो उसे मध्यप्रदेश की सीमा पर छोड़ आता है।