Gold worth Rs 3 crore recovered from car: कार की चेकिंग के दौरान पुलिस वालों के होश ही उड़ गए। कार सवार दो लोगों के पास से पुलिस ने तीन करोड़ का सोना और 8 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनो रायपुर निवासी और किसी व्यापारी के सेल्समैन बताए गए हैं।
कवर्धा। Gold worth Rs 3 crore recovered from car: जिले से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां पुलिस ने एक कार से करोड़ों रुपए के सोने के जेवर और लाखों रुपए नकदी बरामद की है। इसमें पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में भी लिया है। पुलिस ने सोना और कैश को लेकर दस्तावेज नहीं दिखाने पर जब्ती की कार्रवाई की है। यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला है।
पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी की रायपुर से कवर्धा की ओर आ रहे एक सफेद रंग की कार में करोड़ों का सोना और नकदी है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने रायपुर जबलपुर बायपास में संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें पुलिस को कार से 4 किलो सोने के आभूषण जिसमें चैन, अंगूठी, चुड़ी, नेकलेस और 8 लाख 40 हजार कैश रुपए बरामद हुए। इस पर पुलिस ने तत्काल दोनों संदिग्ध को हिरासत में लिया और कोतवाली थाना लाकर पूछताछ शुरू की।

वैद दस्तावेज नहीं दिखाने पर कड़ी कार्रवाई
पुलिस ने कार को रोका उसमें उमाशंकर साहू निवासी भगत चौक, टिकरापारा, रायपुर, जावेद जिवानी निवासी फव्वारा चौक, बैरन बाजार, रायपुर सवार थे। शंका के आधार पर कार की जांच की गई। पुलिस द्वारा की गई जांच में पता चला कि वाहन में 4 किलो सोना मौजूद था। पुलिस ने तुरंत दोनों संदिग्ध को हिरासत में लिया और कोतवाली थाना लाकर पुछताछ शुरू कर दी। बता दें कि सीसीटीवी और वीडियो कैमरे की निगरानी में तलाशी ली गई। संदिग्ध द्वारा वैद दस्तावेज नहीं देखा पाने के कारण पुलिस ने सोना नगदी समेत कार को जब्त कर लिया है।
Read More: VIDEO कॉल पर लड़की बोली- कुछ दिखाती हूं, एकटक देखते रह गया युवक, फिर… मंजर देख मां का फटा कलेजा
देखें VIDEO
GST टीम करेगी जांच
आशंका जताई जा रही है कि बरामद सोना रायपुर के एक बड़े सराफा व्यापारी का हो सकता है, जो कवर्धा के सराफा दुकानों में बेचने के लिए आया था। हालांकि, सेल्समैन अब तक सोने का ओरिजिनल बिल और GST बिल पुलिस के सामने पेश नहीं कर पाया है। मामले में अग्रिम कार्यवाही करते हुए धारा 106 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस इस मामले की सूचना आयकर विभाग और राज्य कर (GST) को भी दे रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह मामला अघोषित संपत्ति, कर चोरी या हवाला लेन-देन से तो जुड़ा नहीं है।